किसी के लिए हम बहुत कुछ थे, आज वही हमें अजनबी समझते हैं।
अब न कोई शिकवा है, न कोई मलाल, जो अपना था ही नहीं, वो चला गया।
बिछड़ना तक़दीर में था, वरना, कौन किसी को दिल से निकाल सकता है?
कभी सोचा नहीं था कि प्यार इस कदर दर्द देगा, जिससे जीने की वजह मिली, वही जीने नहीं देगा।
हम तो दिल से चाहते थे तुम्हें, लेकिन तुमसे दूर होते हुए ये समझ आया,
हमने तुम्हारे बिना जीने का तरीका तो सीख लिया,
दुखी मन के लिए दो लाइन की शायरी क्या है?
और हम बेवकूफ़, उन्हें दुआओं में याद रखते हैं।
जो तेरा था ही नहीं, वो तेरा कभी होगा भी नहीं।
जब से तुम दूर गए हो, जिंदगी में खामोशी छा गई,
दिल से खेलना हमने तुमसे सीखा, अब तुम्हारे बिना जीना भी तुमसे सीख लेंगे।
कभी सोचते थे कि तेरे बिना मर जाएंगे, अब सोचते हैं कि तुझसे मिलकर जिएंगे कैसे?
क्योंकि Sad Shayari दिल के जख्म, अब किसी को दिखाए नहीं जाते।
तेरे मखमली बदन में, खुशबुओं के चमन में।